Monday, 2 June 2014

What is Astrology ? How it can Help you in real life?

                                              
Astrologer, Numerologist, Vastu Expert, Free Horoscope

ज्योतिष क्या है?
अनादि काल से ही ज्योतिष भविष्य जानने की मुख्य विद्या के रूप में जानी जाती है। भारत सहित दुनिया के कई देशो  यूनान, मिस्र, चीन, बैबिलोनिया इत्यादि अनेक देशों के विद्वानों ने ग्रहों, तारों, तारा समूहों(नक्षत्र) के रंग, प्रकाश गति आदि से पड़ने वालों प्रभावों का काफी प्रामाणिक अध्ययन किया है। ज्योतिष गणित का मुख्य विकास भी इसके अध्ययन के दौरान ही हुआ। इस विद्या में गणित का विशेष इस्तेमाल किया गया। माना जाता है कि खगोल विद्या का विकास ज्योतिष से ही हुआ है।

जहाँ तक में समझता हूँ ज्योतिष एक ऐसी कार्य प्रणली है जिसके द्वारा मनुष्यों को अपने पिछले जन्मो के अच्छे कर्मो का अच्छा फल तथा बुरे कर्मो का बुरा फल का अनुमान लगाया जा सकता है ज्योतिष के माध्यम से!

हर किस्म का व्यक्ति चाहे वह नौकरी, कारोबार, निजी कार्यों या अध्ययन-अध्ययापन में लगा हो या फिर पूरी तरह से कुशाल गृहणी हों, सभी अपने दिन की शुरुआत ज्योतिष के आधार पर ही करने की कोशिश करते हैं। शुभ-अशुभ कारकों की जानकारी लेना, राहु कालम को ध्यान में रखना, पर्व-त्यौहारों के छोटे-बड़े अनुष्ठानों को महत्व देना इत्यादि। इसके साथ ही आकाशीय खगोलीय घटनाओं को लेकर भी जिज्ञासाएं बढ़ी हैं। विद्धान ज्योतिषों के द्वारा उनसे संबंधित विश्लेषणों को लोग जीवन के दिशा-निर्देश के तौर पर स्वीकारने लगे हैं। इस क्रम में ज्योतिष को समझना और अपने लिए उपयुक्त बनाना ही ज्योतिषियों का मुख्य काम और उद्देश्य रहा है। 

जानिए ज्योतिष के माध्यम से माध्यम हम सब क्या-क्या जान सकते है क्या कुछ हमें ज्योतिष से मिलता है।
1 शुभ-अशुभ समय के अनुमान के लिए काल-गणना ज्योतिष के माध्यम से जान सकते है ।
2 सही समय पर सही काम करने का निर्देश ज्योतिष के माध्यम से  प्राप्त  प्राप्त कर सकते है
3 भूत-भविष्य एवं वर्तमान से संबंधित घटनाओं का अनुमान ज्योतिष के माध्यम से जान सकते है|
4 व्यक्तिगत समस्या के निदान के साथ-साथ सामाजिक राष्ट्रव्यापि समस्याओं का समाधान ज्योतिष के माध्यम से जान सकते है।
5 विपरीत परिस्थितियों को अनुकूल बनाने के उपाय ज्योतिष के माध्यम से मदत ले सकते है
6 व्यक्ति में तनावपूर्ण स्थितियों को दूरकर आशावादी विचारों का संप्रेषण करना तथा ईश्वर की सकारात्मक शक्ति के प्रति आस्था भाव को जागृत करना।
7 व्यक्ति में आध्यात्मिक शक्ति और उत्तम ज्ञान के साथ-साथ धर्म, दान, परोपकारिता और मंत्र, जाप, उपासना आदि के प्रति रूझान पैदा करना। उसकी सहनशक्ति एवं आत्मविश्वास को बढ़ाना, ताकि विपरीत परिस्थितियों में जू समस्या का सामना कर सके

वैदिक ज्योतिष में मुख्यतः ग्रह तारों के प्रभाव का विशेष अध्ययन किया जाता है। पृथ्वी सौर मंडल का एक तरह का ग्रह है। इसके निवासियों पर सूर्य तथा सौर मंडल के ग्राहों का  प्रभाव पडता है, ऐसा ज्योतिष की मान्यता है। पृथ्वी एक विशेष कक्षा में चलायमान होती है। पृथ्वी पर रहने वालों को सूर्य इसी में गतिशील नजर आता है। इस कक्षा के आसपास कुछ तारों के समूह हैं, जिन्हें नक्षत्र कहा जाता है। और इन्हीं 27 तारा समूहों यानी नक्षत्रों से  तथा  12 राशियों का निर्माण हुआ है।
 
12 राशियों का स्वभाव और उनका स्वामी –

राशि
English Name
स्वभाव
राशि स्वामी
मेष
Aries
चर
मंगल
वृषभ
Taurus
स्थिर
शुक्र
मिथुन
Gemini
दुईस्वभाव
बुध
कर्क
Cancer
चर
चंद्र
सिंह
Leo
स्थिर
सूर्य
कन्या
Virgo
दुईस्वभाव
बुध
तुला
Libra
चर
शुक्र
वृश्चिक
Scorpio
स्थिर
मंगल
धनु
Sagittarius
दुईस्वभाव
गुरु
मकर
Capricorn
चर
शनि
कुंभ
Aquarius
स्थिर
शनि
मीन
Pisces
दुईस्वभाव
गुरु

नक्षत्र - 27 तारा समूहों यानी नक्षत्रों


# नक्षत्र नक्षत्र स्वामी पद 1 पद 2 पद 3 पद 4
1 अश्विनी केतु चु चे चो ला
2 भरणी शुक्र ली लू ले पो
3 कृत्तिका सूर्य
4 रोहिणी चंद्र वा वी वु
5 मृगशीर्षा मंगल वे वो का की
6 आर्द्रा राहु कु ड.
7 पुनर्वसु गुरु के को हा ही
8 पुष्य शनि हु हे हो
9 अश्लेषा बुध डी डू डे डो
10 मघा केतु मा मी मू मे
11 पूर्बा फाल्गुनी शुक्र नी टा टी टू
12 उत्तर फाल्गुनी सूर्य टे टे पा पी
13 हस्त चंद्र पू
14 चित्रा मंगल पे पो रा री
15 स्वाति राहु रू रे रो ता
16 विशाखा गुरु ती तू ते तो
17 अनुराधा शनि ना नी नू ने
18 ज्येष्ठा बुध नो या यी यू
19 मूला केतु ये यो भा भी
20 पूर्वाषाढ़ा शुक्र भू धा फा ढा
21 उत्तराषाढ़ा सूर्य भे भो जा जी
22 श्रवण चंद्र खी खू खे खो
23 धनष्ठा मंगल गा गी गु गे
24 शतभिषा राहु गो सा सी सू
25 पूर्वाभाद्रप्रदा गुरु से सो दा दी
26 उत्तराभाद्रप्रदा शनि दू
27 रेवती बुध दे दो ची

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